अनूपपुर: विकास नहीं, विनाश का सौदा?टोरेंट पावर प्लांट से जंगल, जीव-जंतु और इंसानी ज़िंदगी पर मंडराता संकटअनूपपुर (म.प्र.)जिसे सरकार और कंपनी “विकास की बड़ी उपलब्धि” बता रही है, वही परियोजना अनूपपुर के लिए पर्यावरणीय आपदा का ब्लूप्रिंट बनती नजर आ रही है। टोरेंट पावर लिमिटेड की प्रस्तावित 2×800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल कोयला ताप विद्युत परियोजना ने इलाके के जंगल, वन्यजीव और आमजन के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल दिया है।33 संरक्षित प्रजातियां — काग़ज़ पर संरक्षण, ज़मीन पर संहारपरियोजना की अपनी ही रिपोर्ट बताती है कि प्रस्तावित क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित14 स्तनधारी2 पक्षी16 सरीसृप1 उभयचरप्रजातियां मौजूद हैं।विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि कोयला, धुआं, शोर और भारी निर्माण इन जीवों के प्राकृतिक आवास को स्थायी रूप से खत्म कर देगा। सवाल यह है —₹2.75 करोड़ की वन्यजीव योजना क्या जंगल उजड़ने की भरपाई कर सकती है?‘आधुनिक तकनीक’ के नाम पर ज़हरीली हवाकंपनी भले ही अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का ढोल पीट रही हो, लेकिन दस्तावेज खुद स्वीकारते हैं किPM10 स्तर 86.03 माइक्रोग्राम/घन मीटर तक जाएगाSO₂ और NO₂ जैसी गैसें सांसों में ज़हर घोलेंगीरिपोर्ट में पहले से ही पीलिया, मलेरिया, खसरा और श्वसन रोगों के बढ़ने की आशंका दर्ज है।यह विकास नहीं, धीमा ज़हर है।राख से खेत, पानी सेहत—सब खतरे मेंकोयला संयंत्र का सबसे खतरनाक पहलू — राख (Fly Ash)मिट्टी की उर्वरता खत्मजलस्रोत प्रदूषितखेती बर्बादअगर राख खेतों में जमी, तो अनूपपुर की हरियाली बंजर में बदल सकती है।आग, विस्फोट और राख बांध का डरदस्तावेजों में साफ लिखा है —आग और विस्फोट का खतराभारी रसायनों का भंडारणराख बांध टूटने की आशंकारख्खा, कोतमा और दईखाल जैसे गांव सीधे खतरे की जद में हैं।एक तकनीकी चूक, और पूरा इलाका आपदा क्षेत्र बन सकता है।सड़कें नहीं, अब खतरे दौड़ेंगेपरियोजना सेभारी वाहनों की आवाजाही 100% तक बढ़ेगीशोर प्रदूषणसड़क हादसेबच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम मेंCSR बनाम जीवनग्रामीणों का सीधा सवाल है—“क्या ₹48.9 करोड़ का CSR फंड हमारी हवा, पानी, जंगल और बच्चों का भविष्य लौटा सकता है?”अंतिम सवालजब सरकार एक ओर पर्यावरण संरक्षण की बात करती है,तो दूसरी ओर इतने संवेदनशील क्षेत्र मेंकोयला संयंत्र को मंजूरी किसके हित में है?क्या यह परियोजना सच में विकास है,या फिर अनूपपुर को चुपचाप कुर्बान करने की तैयारी?




