“अमरकंटक नर्मदा महोत्सव 2026”
अमरकंटक में नर्मदा जन्मोत्सव की संध्या पर आयोजित हुआ निर्झरणी महोत्सव
लोकनृत्य,लोकगायन तथा भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को किया मंत्र मुग्ध
अनूपपुर 24 जनवरी 2026/ “अमरकंटक नर्मदा महोत्सव- 2026” अंतर्गत पावन नगरी अमरकंटक में सांध्यकालीन कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग के तत्वाधान में तथा जिला प्रशासन अनूपपुर एवं श्री नर्मदे हर सेवा न्यास अमरकंटक के सहयोग से निर्झरणी महोत्सव का आयोजन 24 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे से मां नर्मदा के रामघाट में किया गया। निर्झरणी महोत्सव का शुभारंभ राज्य कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी,अनुविभागीय अधिकारी पुष्पराजगढ़ (राजस्व) श्री वसीम अहमद भट्ट ने मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
निर्झरिणी महोत्सव में कर्मा, शैला और गुदुम बाजा” की प्रस्तुति ने जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत प्रदर्शन किया । लोकनृत्य की लयबद्ध गति और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज ने दर्शकों के बीच गहरा आध्यात्मिक प्रभाव डाला। महोत्सव में जनजाति संस्कृति से सराबोर करमा नृत्य की प्रस्तुति डिण्डौरी जिले के श्री अर्जुन सिंह धुर्वे एवं साथियों द्वारा तथा गुदुम बाजा नृत्य की प्रस्तुति अनूपपुर जिले के श्री शिवप्रसाद धुर्वे एवं साथियों द्वारा दी गयी।
छत्तीसगढ़ी लोकगायन की प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के संजीवन टांडिया एवं साथियों द्वारा दी गयी । साथ ही भुवनेश्वर के सुनील साहू एवं साथियों द्वारा शंखध्वनि एवं सिवनी की बाली ठाकरे एवं साथी द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुति ने अपनी ऊर्जा और पारंपरिक लय से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा संयोजित कार्यक्रम ने अमरकंटक में आयोजित नर्मदा जन्मोत्सव की संध्या को निर्झरणी महोत्सव के रूप में लोक परम्परा के कार्यक्रमों की प्रस्तुति से चार चाँद लगा दिए। नागरिक कार्यक्रम के आनंद में डूबे रहे। दर्शकों ने करतल ध्वनि से कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
इस अवसर पर जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री उमेश पांडे सहित अमरकंटक स्थित आश्रमों के साधु-संत, पुजारी, जनप्रतिनिधिगण, व्यापारी, नागरिक तथा जिले के अन्य अंचलों से पधारे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की।








