केंद्रीय बजट 2026: आम जनता को राहत, कुछ वस्तुएं हुईं महंगी
नई दिल्ली।
वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने आम जनता को राहत देने के साथ-साथ राजस्व बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इस बजट में जहां दवाइयों, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश यात्रा को सस्ता किया गया है, वहीं शराब, तंबाकू और कुछ लक्ज़री वस्तुएं महंगी हो गई हैं। बजट का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय है।
दवाइयों और स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत
बजट 2026 में सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत देते हुए कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की कई जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी है। इससे इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की संभावना है और इलाज पहले की तुलना में सुलभ होगा।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे सस्ते
मोबाइल फोन, टैबलेट, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में लगने वाले कई कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क घटाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मोबाइल फोन और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
विदेश यात्रा और पढ़ाई हुई सस्ती
सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज और विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाले टीसीएस (TCS) को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। इससे विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
ई-वाहन और सोलर ऊर्जा को बढ़ावा
बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी और सोलर पैनल निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर टैक्स में राहत दी गई है। इससे भविष्य में ई-वाहन और सोलर उत्पाद सस्ते हो सकते हैं और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
ये चीजें हुईं महंगी
शराब और तंबाकू पर बढ़ा टैक्स
राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने शराब और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ा दिया है। इससे शराब, सिगरेट, गुटखा और पान मसाला जैसी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग महंगी
फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर एसटीटी (STT) बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे शेयर बाजार में सक्रिय निवेशकों की लागत बढ़ेगी।
लक्ज़री और आयातित सामान महंगे
कुछ विशेष आयातित वस्तुओं, महंगी घड़ियों और चुनिंदा औद्योगिक उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे ये सामान पहले की तुलना में महंगे हो सकते हैं।
आम आदमी पर कुल असर
बजट 2026 में सरकार ने आवश्यक जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता और नशे व लक्ज़री से जुड़ी वस्तुओं को महंगा कर यह संकेत दिया है कि नीति का केंद्र आम जनता की जरूरतें और स्वास्थ्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बजट मध्यम वर्ग और गरीब तबके को राहत देने वाला है, जबकि गैर-जरूरी खर्चों को हतोत्साहित करता है।
कुल मिलाकर बजट 2026 को जन-कल्याण और संतुलित बजट माना जा रहा है, जिसमें राहत और सख्ती दोनों का समन्वय देखने को मिलता है।




