खाकी पर संगीन आरोप: 50 लाख की चोरी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बर्रा गांव में हुई लगभग 50 लाख रुपये की बड़ी चोरी की घटना अब जिले में चर्चा का विषय बन गई है। इस मामले में पीड़ित संग्राम सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि चोरी की जांच के दौरान कुछ पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही है। पीड़ित का कहना है कि जिनके ऊपर अपराधियों को पकड़ने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उन्हीं के व्यवहार से पूरे मामले पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं।
पीड़ित के अनुसार घटना में लगभग 50 लाख रुपये नकद, करीब 8.5 लाख रुपये के जेवरात सहित अन्य कीमती सामान चोरी हो गया। इतनी बड़ी चोरी की वारदात के बाद भी मामले में अब तक पूरी बरामदगी नहीं हो पाई है, जिससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
संग्राम सिंह का आरोप है कि जांच के दौरान कुछ पुलिस कर्मियों द्वारा आरोपियों के साथ सांठगांठ कर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, मामले में रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इस संबंध में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी चर्चा सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर लेनदेन की बात कही जा रही है। हालांकि, इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि “जनकलम” नहीं करता है।
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी चोरी के मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच नहीं की गई, तो इससे आम जनता का कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
पीड़ित संग्राम सिंह ने प्रशासन से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि समय रहते उन्हें न्याय नहीं मिला और चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हुई, तो वे इस मामले को प्रदेश स्तर तक ले जाएंगे और प्रदेश के गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या जांच के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।



