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डोला- बिजुरी मार्ग की जर्जर स्थिति पर गंभीर सवाल, जिम्मेदारी तय कर तत्काल मरम्मत की मांग

डोला–बिजुरी मार्ग की जर्जर स्थिति पर गंभीर सवाल, जिम्मेदारी तय कर तत्काल मरम्मत की मांग
अनूपपुर/राजनगर।
डोला से बिजुरी की ओर जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग की अत्यंत जर्जर एवं खतरनाक स्थिति को लेकर क्षेत्र में जनचिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस संबंध में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजनगर राहुल सिंह परिहार ने विधिक एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से गंभीर प्रश्न उठाते हुए संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने और शीघ्र मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।
ब्लॉक अध्यक्ष श्री परिहार ने अपने वक्तव्य में कहा कि उक्त मार्ग लंबे समय से गहरे गड्ढों, उखड़ी सतह एवं अनियंत्रित भारी वाहनों के आवागमन के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में पहुंच चुका है। सड़क की खराब हालत के कारण आम नागरिकों, वाहन चालकों, स्कूली बच्चों एवं दैनिक आवागमन करने वाले श्रमिकों को निरंतर खतरे का सामना करना पड़ रहा है तथा आए दिन सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम बताते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधारात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो किसी भी समय गंभीर जनहानि हो सकती है।
ओवरलोड कोयला वाहनों से बढ़ा खतरा
श्री परिहार ने आरोप लगाया कि कोयला परिवहन में लगे भारी ट्रेलर ओवरलोड होकर इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण जब ये ओवरलोड ट्रेलर गड्ढों में उछलते हैं तो साइड से कोयले के टुकड़े लगातार गिरते रहते हैं। सड़क की संकरी एवं क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण छोटी गाड़ियां एवं दोपहिया वाहन किनारे से निकलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें वाहन चालक घायल हुए हैं और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सड़क पर बिखरा कोयला दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से घातक साबित हो रहा है। यह स्थिति मोटरयान अधिनियम, खनिज परिवहन नियमों एवं सार्वजनिक सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होती है।
धूल प्रदूषण से प्रभावित पूरा वार्ड
श्री परिहार ने बताया कि सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण डोला क्षेत्र का पूरा वार्ड प्रभावित है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से उठने वाली डस्ट के कारण स्थानीय लोगों को सांस, एलर्जी एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरणीय एवं जनस्वास्थ्य मानकों के भी प्रतिकूल है।
विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस


ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सड़क की स्वामित्व एवं मरम्मत की जिम्मेदारी को लेकर कॉलरी प्रबंधन एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच लगातार टालमटोल की स्थिति बनी हुई है। कॉलरी प्रबंधन इसे पीडब्ल्यूडी की सड़क बताता है, जबकि पीडब्ल्यूडी विभाग इसे कॉलरी क्षेत्र की सड़क बताकर मरम्मत से इंकार करता है। इस प्रकार जिम्मेदारी तय न होने से वर्षों से सड़क का कार्य लंबित है और जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
संयुक्त निरीक्षण एवं तत्काल कार्रवाई की मांग
श्री परिहार ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, कॉलरी प्रबंधन एवं परिवहन विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का प्रतिवेदन तैयार करने तथा जिम्मेदार एजेंसी तय कर तत्काल मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ करने की मांग की है। साथ ही ओवरलोड कोयला परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
आमजन से भी किया गया आग्रह
ब्लॉक अध्यक्ष ने क्षेत्र की आम जनता, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा और जनहित के इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं तथा ओवरलोड वाहनों और सड़क की खराब स्थिति के संबंध में प्रशासन को लगातार अवगत कराएं, ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से पहले ही प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित संरक्षण हेतु लोकतांत्रिक एवं वैधानिक माध्यमों से आंदोलन एवं उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।

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