अनूपपुर वन मंडल द्वारा विशेष रात्रिकालीन गश्त के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के व्यावहारिक तरीके की दी गई जानकारी
अनूपपुर 02 मई 2026/ अनूपपुर एवं जैतहरी वन परिक्षेत्रों में हाथियों की निरंतर सक्रियता को देखते हुए वन विभाग द्वारा विशेष रात्रिकालीन गश्ती अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान वन मंडल अधिकारी श्री डेविड चेन्नाप और उपवन मंडल अधिकारी श्री प्रीतेश पकालें ने स्वयं मैदानी अमले के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में उतरकर गश्त का नेतृत्व किया, जिससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई बल्कि मैदानी कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ा। सुरक्षा घेरे को और अधिक कड़ा करने के उद्देश्य से जैतहरी, राजेन्द्रग्राम, कोतमा और अमरकंटक परिक्षेत्रों की टीमों ने आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त गश्त की। प्रतिकूल मौसम और भीषण तूफान जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विभाग का अमला पूरी रात मैदानी स्तर पर मुस्तैद रहा।
अभियान के दौरान हाथियों की सटीक लोकेशन और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। नाइट विजन (इन्फ्रारेड ड्रोन) के माध्यम से हाथियों के मूवमेंट की निरंतर ट्रैकिंग की गई, जिसकी सहायता से उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने से समय रहते रोकने में सफलता मिली। तकनीकी निगरानी के साथ-साथ वन विभाग की टीम ने सीधे गाँवों में पहुँचकर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया। ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए गए और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या मानव-हाथी संघर्ष को टाला जा सके।
विभाग ने इस दौरान प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए यह आश्वस्त किया है कि हाथियों द्वारा किए गए नुकसान के मुआवजा दावों का निपटान मानवीय आधार पर त्वरित रूप से किया जाएगा, ताकि प्रभावितों को शीघ्र आर्थिक राहत मिल सके। जन-जागरूकता के लिए व्हाट्सएप, पोस्टर और ऑडियो संदेशों के माध्यम से भी सटीक जानकारी प्रसारित की जा रही है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सतर्क रहें, रात्रि में अकेले बाहर न निकलें और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
इस अभियान के दौरान परिक्षेत्र अधिकारी श्री विवेक मिश्रा, श्री शिवम् कोश्ती, श्री हरीश तिवारी एवं श्री वीरेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय अमला सक्रिय रूप से उपस्थित रहा।




