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30 किलोमीटर का रास्ता तय कर औढेरा के जंगल पहुंचा हाथी, रात मे ग्रामीणों के घर, खेत, बांड़ी में किया नुकसान

30 किलोमीटर का रास्ता तय कर औढेरा के

30 किलोमीटर का रास्ता तय कर औढेरा के जंगल पहुंचा हाथी, रात मे ग्रामीणों के घर, खेत, बांड़ी में किया नुकसान

अनूपपुर जनकलम संपादक विकास कुमार

एक अकेला नर हाथी सोमवार की शाम कठौतिया के जंगल से वन परिक्षेत्र बुढार के विभिन्न ग्रामों से लगे जंगल से निकलता हुआ लगभग 30 किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए मंगलवार की सुबह अनूपपुर के औढेरा के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है, यह हाथी रात के समय जंगल से लगे ग्रामो/टोला में पहुंचकर ग्रामीणों के घर,खेत एवं बांडियों में लगे,रखें विभिन्न तरह के अनाजों को अपना आहार बनाया है।

एक अकेला नर हाथी मंगलवार को 12 वे दिन अनूपपुर जिले के साथ बुढार क्षेत्र में विचरण करता हुआ अनूपपुर तहसील,थाना एवं वन परिक्षेत्र के किरर बीट के औढेरा ग्राम से लगे जंगल में पहुंचा है, यह हाथी सोमवार की सुबह वन परिक्षेत्र अहिरगवां के कठौतिया पूर्व के जंगल में दूसरे दिन ठहरने बाद देर शाम एवं रात को जंगल से निकलकर शहडोल जिले के बुढार इलाके के शिलपरी गांव के ऊपर जंगल में बसे बैगा बाहुल्य दलान टोला में एक घर में तोड़फोड कर ददराटोला से सोनहा में एक ग्रामीण की बाड़ी से बदरचुई,खोह से अनूपपुर थाना,तहसील एवं वन परिक्षेत्र के बड़हर गांव से किरर बीट के जंगल जो औढेरा गांव से लगा है मे पहुंचकर जंगल के अन्दर लेट कर,खड़े होकर विश्राम कर रहा है यह हाथी सोमवार की शाम कठौतिया पूर्व बीट के जंगल से निकलने के बाद मंगलवार की सुबह के मध्य तेज गति से चलते हुए लगभग 30 किलोमीटर का रास्ता तय किया है।

यह हाथी के तेज गति से जंगल के अंदर ही अंदर से चलने के कारण वनविभाग का निगरानी दल की नजर तक से ओझल हो जाता हैं, विभिन्न ग्रामों के टोला/मोहल्ला में अचानक पहुंचने पर ग्रामीण जनों ने हो-हल्ला कर इस हाथी को अपने इलाके से बाहर करते हुए वनविभाग को सूचना दी, वनविभाग के द्वारा पूर्व में ही आए चार हाथियों के इसी रास्ते से लौटने के कारण ग्रामीणों को इस हाथी के उसी रास्ते से आने की संभावना को देखते हुए एक दिन पूर्व से ग्रामीणों को सूचित कर सचेत एवं सतर्क रहने की बात कही रही।

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