शीत ऋतु में आमजन को होने वाली परेशानियों से बचने हेतु एडवाइजरी
अनूपपुर 18 दिसम्बर 2025/ शीत ऋतु में बढ़ती शीतलहर एवं ठंडी हवाओं के कारण आमजन को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों से बचाव और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी दी गई है। एडवाइजरी में बताया गया है कि शीतलहर का प्रकोप प्रायः माह दिसम्बर व जनवरी में प्रतिवेदित होती है। ऐसी स्थिति में संवेदनशील समूह विशेषकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, दीर्घकालिक हृदय अथवा श्वसन रोगी से पीडित व्यक्ति, बेघर व्यक्ति, निर्माण स्थल व खुली जगहों पर कार्य करने वाले श्रमिक, सडक पर रहने वाले लोग, खुले क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों द्वारा शीतलहर के दौरान विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। शीतलहर एक मौसम संबंधी घटना है जिसमें सतह के पास हवा के तापमान में तेज गिरावट आती है। जिसमें तापमान बेहद कम हो जाता है। वायु दाब एवं हवा की गति में तेज वृद्धि होती है तथा जो पाला अथवा बर्फ जमने जैसी मौसमी घटनायें जुडी होती है। प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप प्रायः माह दिसम्बर-जनवरी में परिलक्षित होता है।
शीतलहर के लक्षण और नुकसान
शीतलहर का स्वास्थ्य के प्रभाव होने पर अत्यधिक ठंड से समुचित बचाव न करने पर हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट, ट्रेंच फुट, चिलब्लेन जैसी ठंड से होने वाली चोट होना अथवा परिस्थिति में मृत्यु की भी संभावना होती है। लंबे समय तक ठंडे तापमान के संपर्क में रहने पर शारीरिक गर्मी संग्रहित ऊर्जा में कमी होती है, जिससे शारीरिक तापमान और भी कम हो जाता है। हाइपोथर्मिया होना चिकित्सकीय आपात स्थिति है जिसमें हाइपोथर्मिया से पीडित व्यक्ति को किसी गरम कमरे अथवा आश्रय में ले जायें और कपडे बदले, गीले कपडे उतार दें। तत्काल पीडित व्यक्ति को सूखे कंबल, कपडा, तौलिया, चादर आदि के सूखे परतों में लपेटें, शारीरिक तापमान में वृद्धि हेतु गरम पेय पदार्थ दें, परन्तु मादक पेय का सेवन न कराये। शारीरिक तापमान बढने के पश्चात पीडित व्यक्ति को सूखा रखें एवं उसके शरीर, सिर तथा गर्दन को गर्म कंबल में लपेटे। पीडित व्यक्ति को चिकित्सकीय देखभाल हेतु निकटतम अस्पताल में ले जायें। गंभीर हाइपोथर्मिया से पीडित व्यक्ति बेहोश हो सकता है जिससे उसकी नाड़ियां सांस की गति धीमी हो जाती है ऐसी स्थिति में तत्काल आपाताकालीन सहायता प्राप्त की जाये। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से त्वचा पीली, सख्त, सुन्न पड सकती है तथा शरीर के खुले हिस्सों जैसे उंगलियों, पैर के पंजे, नाक अथवा कानों पर काले छाले पड सकते हैं जो फ्रॉस्टबाइट के लक्षण है।
शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें
शीतलहर से पहले सर्दियों के कपड़े पर्याप्त मात्रा में रखें। आपातकालीन आपूर्तियों के लिए सभी जरूरी सामान तैयार रखें। शीतलहर के दौरान जितना संभव हो, घर के अंदर रहें। ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। अपने शरीर को सुखाकर रखें। यदि कपड़े गीले हो जाएँ, तो उन्हें तुरंत बदलें। इससे शरीर की उष्मा बनी रहेगी। मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें। नियमित रूप से गर्म पेय पिएं। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें। शीतदंश के लक्षणों जैसे उंगलियों, पैर की उंगलियों, कानों की लोब और नाक की नोक पर सुन्नता, सफेदी या पीलेपन के प्रति सजग रहें। शीतदंश से प्रभावित हिस्से की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है। शीतदंश से प्रभावित शरीर के हिस्सों को गुनगुने पानी में डालें। कंपकंपी को नजर अंदाज न करें, यह एक महत्वपूर्ण अग्रिम संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। कंपकंपी महसूस होने पर तुरंत घर लौटें।
[5:07 PM, 12/18/2025] Pro Kusum Apr: कलेक्ट्रेट कार्यालय मे निष्प्रयोजित/अनुपयुक्त सामग्री की नीलामी 24 दिसम्बर को
अनूपपुर 18 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर में निष्प्रयोजित/अनुपयुक्त सामग्री जैसे फोटोकापी मशीन, फर्नीचर, इलेक्ट्रिक सामग्री, टायर आदि के नीलामी की सूचना जारी की गई है। जिसके अनुसार निष्प्रयोजित सामग्री की नीलामी 24 दिसम्बर 2025 को दोपहर 3ः00 बजे की जाएगी।जिन इच्छुक व्यक्ति को नीलामी में भाग लेना हो, वह नीलामी की निर्धारित शर्तों के अधीन नीलामी में शामिल हो सकते है।
अमानत राशि, नीलामी की शर्तें तथा नीलामी संबंधित विस्तृत आवश्यक जानकारी आदि प्रभारी अधिकारी, नजारत शाखा कलेक्ट्रेट कार्यालय अनूपपुर से प्राप्त की जा सकती है।


