साप्ताहिक समीक्षा बैठक सह जनसुनवाई विधिवत संपन्न
जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु प्रशासनिक स्तर पर दिए गए आवश्यक निर्देश
अनूपपुर/राजनगर कालरी – डूमरकछार।
नगर परिषद डूमरकछार में शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं नागरिक मूलभूत सुविधाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा हेतु दिनांक 21 फरवरी, शनिवार को परिषद सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक सह जनसुनवाई का आयोजन विधिवत संपन्न हुआ। बैठक डॉ. सुनील कुमार चौरसिया, अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति सदस्य, के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई।
बैठक में सभापति महेश चौहान, जितेंद्र चौहान, रवि सिंह, रंजीत वर्मा, पार्षदगण चंदा देवी महरा, सरिता यादव, पार्वती सिंह, विजेंद्र देवांगन एवं पार्षद प्रतिनिधि योगेश पालीवाल सहित नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शोक प्रस्ताव पारित
बैठक प्रारंभ होने से पूर्व निकाय कर्मचारी दीपक सिंह की माता के आकस्मिक निधन पर परिषद द्वारा शोक प्रस्ताव पारित कर दो मिनट का मौन धारण करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति हेतु श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
22 विषयों पर बिंदुवार समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान कुल 22 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था, निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति, राजस्व वसूली, हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
अध्यक्ष द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
प्रत्येक शनिवार जनसुनवाई आयोजित करने का निर्णय
जनहित एवं सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्णय लिया गया कि प्रत्येक शनिवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के साथ जनसुनवाई भी अनिवार्य रूप से संपन्न की जाएगी।
जनसुनवाई प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें मुन्ना, उषा जायसवाल, पूजा पाव सहित अन्य नागरिकों द्वारा अपनी समस्याएं लिखित एवं मौखिक रूप से प्रस्तुत की गईं। प्राप्त आवेदनों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देश जारी किए गए तथा प्रकरणों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया न होकर जनअधिकारों के संरक्षण एवं प्रशासनिक उत्तरदायित्व के निर्वहन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण शासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की उपेक्षा स्वीकार्य नहीं होगी।







