अनूपपुर | 16 मार्च 2026
जिले में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा संकेत देते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने साफ शब्दों में कहा है कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पारदर्शिता में कमी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
🔴 ड्रोन सर्वे से होगा सीमांकन, गड़बड़ी पर कार्रवाई तय
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनगणना के पहले चरण में ड्रोन सर्वे के आधार पर ब्लॉकों का विभाजन और वार्डवार सीमांकन किया जाए।
👉 उद्देश्य साफ है — हर घर, हर व्यक्ति का सही डेटा
👉 गड़बड़ी या देरी हुई तो जिम्मेदारी तय होगी
💧 गर्मी से पहले अलर्ट: 31 बसाहटों में पानी का इंतजाम
गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है—
✔ 31 चिन्हित बसाहटों में टंकियों से पेयजल आपूर्ति
✔ नए नलकूप खनन और पाइपलाइन सुधार तेज
✔ हैंडपंपों की मरम्मत पर फोकस
👉 कलेक्टर का स्पष्ट निर्देश: “कहीं भी पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए”

🌱 लेमनग्रास से बदलेगी किसानों की किस्मत
जिले में खेती का नया मॉडल तैयार—
🌿 500 एकड़ में लेमनग्रास खेती का लक्ष्य
🤝 कंपनी के सहयोग से किसानों की संगोष्ठी
💰 आय बढ़ाने पर विशेष जोर
👉 किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करने की पहल
🔥 LPG सप्लाई पर सख्ती: गड़बड़ी नहीं चलेगी
कलेक्टर ने गैस सिलेंडर आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा—
✔ घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर का व्यवस्थित वितरण
✔ बिना अनुमति वितरण पर रोक
✔ उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना अनिवार्य
🏠 PM आवास हितग्राहियों को मिलेगा पट्टा
SECL भूमि पर रह रहे पात्र हितग्राहियों के लिए राहत—
📌 ड्रोन सर्वे कराकर पात्र लोगों को पट्टा
📌 अपात्र को लाभ देने पर सख्त कार्रवाई
📌 राजस्व और नगर निकाय मिलकर करेंगे काम
📊 CM हेल्पलाइन से लेकर आयुष्मान तक समीक्षा
बैठक में इन मुद्दों पर भी कड़ी नजर—
✔ CM हेल्पलाइन के लंबित प्रकरण
✔ HPV वैक्सीनेशन की प्रगति
✔ आयुष्मान कार्ड शिविर
✔ राजस्व और लोक सेवा के लंबित मामले
🎉 19 मार्च को विक्रमोत्सव का आयोजन
📍 एकलव्य आवासीय विद्यालय परिसर में होगा कार्यक्रम
👉 सभी अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य
⚠️ साफ संदेश
👉 काम में ढिलाई = कार्रवाई तय
👉 पारदर्शिता ही प्राथमिकता
👉 जनहित से समझौता नहीं
अनूपपुर में प्रशासन अब “एक्शन मोड” में दिख रहा है। जनगणना से लेकर पानी, खेती और गैस सप्लाई तक—हर मुद्दे पर कलेक्टर की सख्ती साफ संकेत दे रही है कि अब काम दिखना चाहिए, बहाने नहीं।



