डिप्लेरिंग क्षेत्र में TMC कंपनी द्वारा बनाए गए 180 आवास पर उठे सवाल, नगर पालिका ने भेजे चार नोटिस, कोर्ट जाने की तैयारी
बिजुरी/अनूपपुर। अनूपपुर जिले के बिजुरी नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत कुरजा कॉलरी के डिप्लेरिंग (गोफ) क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। कोयला खनन कार्य से जुड़ी TMC कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए लगभग 180 आवासों का निर्माण कराया गया है, जहां वर्तमान में कर्मचारी निवास भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह पूरा क्षेत्र डिप्लेरिंग (गोफ) क्षेत्र में आता है, जहां कभी भी जमीन धंसने जैसी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
जानकारी के अनुसार पूर्व में इसी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुरजा कॉलरी प्रबंधन द्वारा मुआवजा देकर पूरी बस्ती को खाली कराया गया था तथा मकानों को ध्वस्त कर लोगों का विस्थापन किया गया था। इसके बावजूद अब उसी संवेदनशील क्षेत्र में TMC कंपनी द्वारा कर्मचारियों के लिए आवास एवं कार्यालय निर्माण कराया जाना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका परिषद बिजुरी द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को लगातार चार बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। नगर पालिका प्रशासन अब इस मामले में न्यायालय की शरण लेने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में कोतमा स्थित अग्रवाल लॉज हादसे में भवन धराशायी होने से तीन लोगों की मौत हो गई थी तथा कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद कलेक्टर अनूपपुर द्वारा बिना अनुमति निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद यदि संवेदनशील गोफ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी है, तो यह प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में यहां बड़ा हादसा हो सकता है और बड़ी संख्या में मजदूर एवं कर्मचारी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
इस पूरे मामले में मुख्य नगरपालिका अधिकारी बिजुरी पवन साहू ने बताया कि कंपनी को कई बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, लेकिन जवाब प्राप्त नहीं होने पर आगे वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अब देखना होगा कि मीडिया में मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद जिला प्रशासन और कलेक्टर अनूपपुर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।



