अनूपपुर संवाददाता
अनूपपुर। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत अनूपपुर जिले के कोतमा ग्रामीण मण्डल में एक भव्य एवं सुव्यवस्थित प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यशैली एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर विषय वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. श्री सुनील चौरसिया ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के सिद्धांतों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और सतत सक्रियता पर निर्भर करती है। जब कार्यकर्ता वैचारिक रूप से सशक्त होंगे, तभी संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच सुनिश्चित कर सकेगा।

उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वयं को निखारने और संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का सशक्त माध्यम है। प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने आचरण, व्यवहार और कार्यशैली में संगठन की विचारधारा को आत्मसात करना चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा एवं संवाद हुआ, जिसमें संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक मजबूती, जनसंपर्क, सेवा कार्य एवं आगामी रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।

इस प्रशिक्षण वर्ग में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिली, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे संगठन के लिए मील का पत्थर बताया।
अंत में, कार्यक्रम का समापन संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के संकल्प के साथ किया गया।



