नगर गौरव दिवस बना डोला की पहचान, उत्सव में दिखा विकास-विश्वास और जनभागीदारी का अनोखा संगम
अनूपपुर।
नगर परिषद डोला में आयोजित नगर गौरव दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि नगर की आत्मा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया। सजे-संवरे प्रांगण, देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर वातावरण तथा उमड़ी नागरिकों की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि डोला का यह दिवस अब परंपरा के साथ-साथ जनभावनाओं से भी गहराई से जुड़ चुका है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिलीप जायसवाल एवं हीरा सिंह श्याम की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके साथ नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभी पार्षदगण, पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में नगर की विकास यात्रा, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर गौरव दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का अवसर है कि विकास की गति तभी तेज होती है जब नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासन एकजुट होकर काम करें। उन्होंने डोला नगर परिषद द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए नागरिकों से स्वच्छता, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। नगर परिषद द्वारा जरूरतमंद नागरिकों को ट्रायसाइकिल और बैसाखी वितरित की गईं, जिससे आयोजन संवेदनशीलता और सेवा भाव का प्रतीक बन गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और आयोजन में उत्साह का नया रंग भर दिया।
इस अवसर पर पूर्व अनूपपुर जिला अध्यक्ष आशाराम वैश्य ने कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों से डोला, बनगवां और डूमरकछार को ग्राम पंचायत से नगर परिषद का दर्जा मिला, जिसके बाद इन क्षेत्रों में विकास ने नई गति पकड़ी है। आज सड़कों, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं में जो बदलाव दिख रहा है, वह इसी निर्णय का परिणाम है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन जितेन्द्र शुक्ला ने किया, वहीं अंत में अतिथियों का सम्मान कर राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। नगर गौरव दिवस ने न सिर्फ डोला के अतीत और वर्तमान को जोड़ा, बल्कि भविष्य के लिए एक साझा सपना भी गढ़ा।
इन्होंने कहा
“नगर गौरव दिवस हमारी परिषद की वार्षिक परंपरा है। इसमें सभी नागरिकों की भागीदारी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। मैं परिषद की ओर से सभी आगंतुकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
— रविशंकर तिवारी, उपाध्यक्ष, नगर परिषद डोला






