भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर भ्रम दूर, पूर्ण समझौता अभी नहींनई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच कोई पूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अभी तक नहीं हुआ है। हालांकि, रक्षा, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और निवेश जैसे कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहमति और सहयोग जरूर बढ़ा है।सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल के दौरों और बैठकों में भारत और अमेरिका ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया है, लेकिन इसे एक संपूर्ण ट्रेड डील कहना सही नहीं होगा। मीडिया में सामने आई खबरों के कारण आम लोगों में यह भ्रम बना कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौता पूरी तरह लागू हो गया है।किन क्षेत्रों में बनी सहमतिभारत और अमेरिका के बीच रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, उन्नत टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। अमेरिका भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाना चाहता है, जबकि भारत ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।कृषि और डेयरी पर नहीं बनी बातट्रेड डील में सबसे बड़ा विवाद कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर है। अमेरिका भारतीय बाजार को अपने कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए खोलने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ने किसानों और घरेलू डेयरी उद्योग के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। इसी कारण व्यापक ट्रेड डील फिलहाल अटकी हुई है।टैरिफ और वीज़ा पर सीमित प्रगतिकुछ चुनिंदा उत्पादों पर आयात-निर्यात प्रक्रिया आसान करने की बात जरूर हुई है, लेकिन बड़े स्तर पर कस्टम ड्यूटी में कटौती नहीं की गई है। वहीं, भारत द्वारा उठाए गए वर्क वीज़ा (H-1B) से जुड़े मुद्दों पर भी कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई है विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत जरूर हुए हैं, लेकिन फिलहाल इसे पूर्ण ट्रेड डील कहना गलत होगा। दोनों देश चरणबद्ध तरीके से सहयोग बढ़ा रहे हैं और भविष्य में व्यापक समझौते की संभावना बनी हुई है।




