माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पादित कराने कलेक्टर ने प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा आदेश किए लागू
अनूपपुर 4 फरवरी 2026/ वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मध्यप्रदेश की हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी आदि की परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए अनूपपुर जिले में शांतिपूर्ण ढंग से बोर्ड की परीक्षा सम्पादित कराए जाने व परीक्षार्थियों को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त रखे जाने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हर्षल पंचोली ने समस्त जनसाधारण के विरुद्ध म.प्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 के नियम-10 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनूपपुर जिले की सीमाक्षेत्र में प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा आदेश 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक के लिए लागू किया है।
आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 यथासंशोधित के नियम-3(1) तथा 4(1) के अनुसार नियमावली के शेड्यूल में अंकित अनुमत्य अधिकतम ध्वनि सीमा 1/4 वॉल्यूम में (ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि 10 डेसीबल के अनधिक) के अन्तर्गत ध्वनि मानकों के प्रावधानों का पालन करते हुए सामान्यतः मध्यम आकार के अधिकतम 02 डी.जे. के प्रयोग की ही अनुमत्य होगी। डी.जे. व लाउडस्पीकर की विधिवत् अनुमति संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिया जा सकेगा। किसी भी संस्था/व्यक्ति द्वारा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 यथासंशोधित के प्रावधानों का पालन करते हुये ही ध्वनि विस्तारक यंत्र/लाउडस्पीकर/डी.जे. का प्रयोग रात्रि 10.00 बजे तक किया जा सकेगा। ऐसे कार्यक्रम जिनमें नियमों का पालन न करते हुए डी.जे. या ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का अनियंत्रित रूप से प्रयोग किया जाता है, तो उनके आयोजकों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यदि पाया जाता है कि किसी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी, जिसका ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 यथासंशोधित के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने का दायित्व था, परन्तु उसके द्वारा ऐसा न करने के कारण किसी धार्मिक स्थल/सार्वजनिक स्थल अथवा कार्यक्रम में नियम विरुद्ध ध्वनि विस्तारक यंत्र/लाउडस्पीकर/डी.जे. प्रयोग में लाया गया हो तो जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध यथोचित अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।




