रामनगर पुलिस का भरोसेमंद कदम : गुम हुए 11 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए
अनूपपुर/रामनगर।
जनता की मदद और गुम हुई संपत्ति को वापस दिलाने की दिशा में रामनगर पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में रामनगर थाना पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए अलग-अलग स्थानों से गुम हुए 11 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस पाकर फरियादियों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की कार्यशैली की खुले दिल से सराहना की।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशन में जिले में गुम मोबाइलों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत रामनगर पुलिस ने तकनीकी सहायता, साइबर ट्रैकिंग और सतत प्रयासों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोन को खोज निकाला। बरामद किए गए मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 74 हजार 906 रुपये बताई जा रही है।
बरामद किए गए मोबाइल फोन में भागवत केवट (ऊरा) का मोबाइल 14,999 रुपये, रामू गुप्ता (फुलवारी टोला) का मोबाइल 13,000 रुपये, बादल केवट (सीधी दफाई राजनगर) का मोबाइल 28,999 रुपये, प्रियंका जायसवाल (पैराधार) का मोबाइल Vivo Y73 जिसकी कीमत 20,990 रुपये, अर्जुन सिंह (भलवाही) का मोबाइल POCO M5 कीमत 17,999 रुपये, उत्तर पटेल (सेमरा) का मोबाइल Vivo T1 कीमत 17,019 रुपये, हरिलाल साकेत (राजनगर) का मोबाइल Vivo कीमत 17,000 रुपये, मूलचंद केवट का मोबाइल Realme C1 कीमत 9,200 रुपये, संगीता प्रजापति (रामनगर) का मोबाइल Itel A60 कीमत 6,500 रुपये, मनोज कुमार (भालमुड़ी) का मोबाइल Realme कीमत 9,200 रुपये तथा शेषनारायण का मोबाइल OPPO कीमत 20,000 रुपये शामिल हैं।
मोबाइल वापस मिलने पर सभी लोगों ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल फोन दोबारा मिल पाएगा। उन्होंने रामनगर पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस की इस कार्यवाही से आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में आरक्षक अनुराग भार्गव, अनुराग सिंह, सुशील अहिरवार और भानु प्रताप ने मोबाइलों की तलाश और बरामदगी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रामनगर पुलिस की इस सराहनीय पहल को क्षेत्र में काफी प्रशंसा मिल रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की ऐसी कार्यवाही से जनता और पुलिस के बीच विश्वास की डोर और मजबूत होती है तथा लोगों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस हमेशा तत्पर है।




