परिषद की JCB से अवैध उत्खनन, रेलवे तक पहुंची मिट्टी – CMO बोले “जानकारी नहीं”
बरगवां-अमलाई/अनूपपुर | जनकलम स्पेशल
नगर परिषद बरगवां-अमलाई में अवैध उत्खनन का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि परिषद की JCB मशीन का इस्तेमाल कर बिना किसी वैध अनुमति के खदान क्षेत्र से ओवरबर्डन (ऊपरी मिट्टी) निकाली गई और उसे रेलवे के निर्माण कार्य में खपाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम में सत्ता के दुरुपयोग और बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
उपाध्यक्ष पर आरोप, सत्ता के दम पर चल रहा था खेल
स्थानीय सूत्रों और पार्षदों के अनुसार, नगर परिषद के उपाध्यक्ष राज तिवारी के संरक्षण में यह पूरा खेल पिछले दो दिनों से लगातार चल रहा था। बताया जा रहा है कि लाखों रुपये के ठेके के तहत यह मिट्टी निकासी की जा रही थी, जिसमें नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया गया।


मौके पर रंगे हाथों पकड़ा गया उत्खनन
सूचना मिलते ही पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर हकीकत देखी, जहां JCB मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए तेजी से खुदाई और परिवहन जारी था।
मौके पर हंगामा हुआ और काम को तत्काल रुकवाया गया।
CMO ने झाड़ा पल्ला, जिम्मेदारी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने साफ कहा कि उन्हें इस कार्य की कोई जानकारी नहीं है।
CMO का यह बयान प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर परिषद की मशीन बिना अनुमति कैसे संचालित हो रही थी।
पुलिस की एंट्री, वाहन जब्त – जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अवैध उत्खनन में लगे वाहनों को जब्त कर लिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
❓ जनता पूछ रही – जवाब कौन देगा?
🔸 बिना अनुमति खनन किसके आदेश पर हुआ?
🔸 परिषद की JCB का दुरुपयोग किसने किया?
🔸 रेलवे तक अवैध मिट्टी कैसे पहुंची?
🔸 क्या इसमें अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत है?
⚡ जनकलम का निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ अवैध उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्ता के दुरुपयोग, प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का बड़ा संकेत है।
अगर समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह मामला और भी बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।
🟥 जनकलम सवाल करता है:
👉 क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी?
👉 या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा?
✍️ रिपोर्ट: जनकलम टीम, अनूपपुर



