बरतराई भूमिगत खदान के पास जमीन धंसने से बड़ा खतरा, क्या SECL प्रबंधन की लापरवाही जिम्मेदार?
पीएम श्री विद्यालय के समीप धंसान से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
कोतमा/बरतराई। जमुना-कोतमा क्षेत्र की बरतराई भूमिगत खदान के समीप ग्राम मलगा में जमीन धंसने की घटना ने एक बार फिर भूमिगत खनन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धंसान स्थल के पास स्थित पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी चिंता व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से भूमिगत खनन के कारण क्षेत्र में जमीन कमजोर होती जा रही थी, लेकिन समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। उनका कहना है कि यदि यह धंसान विद्यालय या आबादी के और निकट होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलने पर खान प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल घेराबंदी कर देना पर्याप्त नहीं है। उनका सवाल है कि जब खतरे की आशंका पहले से थी, तब सुरक्षा के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, DGMS तथा SECL के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित खान प्रबंधक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि विद्यालय, आसपास की आबादी और धंसान संभावित क्षेत्र का तत्काल वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए तथा भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और SECL प्रबंधन पर हैं कि वे इस गंभीर मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई करते हैं या जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध ठोस कदम उठाते हैं।



