राजनीति के चक्कर में फंसे लेखापाल, बनगवां से हटाकर शहडोल अटैच
सरकारी नौकरी में राजनीतिक सक्रियता पड़ी भारी, विभाग ने लिया सख्त एक्शन
अनूपपुर।
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सरकारी सेवा में रहते हुए राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद बनगवां (राजनगर) के प्रभारी लेखापाल राजेश मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से संभागीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, शहडोल से अटैच कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता बनी वजह
विभागीय सूत्रों के अनुसार राजेश मिश्रा पर आरोप है कि वे शासकीय सेवा में रहते हुए लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बने हुए थे। इसके साथ ही लेखा नियमों के विरुद्ध कार्य करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने जैसी शिकायतें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

आदेश जारी होते ही हटाए गए
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राजेश मिश्रा को नगर परिषद बनगवां से तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है और उन्हें संभागीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, शहडोल में संलग्न किया जाता है। आदेश जारी होते ही इसे प्रभावी मान लिया गया है।

लंबे समय से जमे थे पद पर
जानकारी के मुताबिक राजेश मिश्रा वर्ष 2008 से क्षेत्र में अलग-अलग पदों पर कार्यरत रहे हैं। पहले वे ग्राम पंचायत स्तर पर और बाद में नगर परिषद में पदस्थ रहे। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में जमे रहने के कारण भी उनके कार्यों को लेकर कई बार सवाल उठते रहे थे।
अब विभागीय जांच की तैयारी
मामले को लेकर विभाग ने आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। संभागीय संयुक्त संचालक, शहडोल को निर्देश दिए गए हैं कि राजेश मिश्रा के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर संचालनालय को भेजा जाए। इससे स्पष्ट है कि मामले में विभागीय जांच के बाद और कड़ी कार्रवाई भी संभव है।
अधिकारी का बयान
संभागीय संयुक्त संचालक आर.पी. मिश्रा ने बताया कि नगर परिषद से विधिवत भारमुक्त होने के बाद ही राजेश मिश्रा को शहडोल कार्यालय में अटैच किया जाएगा। यदि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधित सीएमओ से चर्चा कर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।



